डीएम प्रशांत आर्य बोले: शासन स्तर से 44 करोड़ की गई मांग, जल्द मिलने की उम्मीद
आपदा पीड़ित पुनर्वास नीति की कर रहे मांग
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के धराली में बीते 5 अगस्त को बादल फटने और बाढ़ से हुई तबाही के बाद, स्थानीय लोगों का सब्र टूट रहा है क्योंकि प्रभावितों का पुनर्वास और मुआवजा नहीं दिया गया।
बुधवार को धराली आपदा पीड़ितों का एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी उत्तरकाशी से मुलाकात कर अनिश्चितकालीन धरने को लेकर ज्ञापन सौंपा है
उनका आरोप है कि शासन प्रशासन आपदा के छह माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन प्रभावितों के लिए पुनर्वास नीति और मुआवजा नही बना पाई है।
वहीं संजय पंवार ने बताया कि यह लंबे समय से शाह – प्रशासन मांग की गई है। उन्होंने बताया कि इस सन्दर्भ में क्षेत्रीय विधायक से भी मुलाकात की गई है लेकिन अभी तक पुनर्वास नीति नहीं बनाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि यदि 25 जनवरी तक सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता तो गणतंत्र दिवस से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि धराली में सिंचाई विभाग ने नदी के चैनेलाइज के लिए निविदा आमंत्रित किया था लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया है।
ज्ञापन सौंपने में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशील पंवार, भागवत पंवार, भूपेंद्र पंवार आदि थे।
क्या कहते हैं जिले के डीएम
धराली आपदा पीड़ितों ने से वार्ता हो गई है। शासन स्तर से लगभग करीब 44 करोड़ की मांग की गई है,जल्द शासन स्तर से पीड़ितों को पुनर्वास और मुआवजा के लिए धनराशि आवंटित होगी।
– प्रशांत आर्य
जिलाधिकारी उत्तरकाशी।



