डीएम ने किसान रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी ,लगाईं फटकार

 

डीएम ने कृषि विभाग के कार्मिकों की वेतन आहरण पर रोक लगाने के दिए निर्देश 

एसडीएम डुंडा   देवानंद शर्मा :  ग्राउंड जीरो पर उतरकर पिपली- धनारी क्षेत्र में किसान रजिस्ट्री कार्यों की ली फीड बैक।।

15 दिन के भीतर रजिस्ट्री पूर्ण करने का दिया अल्टीमेटम

उत्तरकाशी : ​जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने किसान रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराज़गी जताई ।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति के लिए आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य की धीमी गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में धीमी गति और लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभाग के कार्मिकों के वेतन आहरण पर आगामी आदेशों तक तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा 31 मार्च तक रजिस्ट्री न होने पर पीएम किसान सम्मान निधि रुक सकती है। उन्होंने
सहयोग की अपील की है
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्य सीधा किसानों के हितों से जुड़ा है इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​बैठक में सभी एसडीएम और तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे कृषि, उद्यान और पंचायत विभाग के कार्मिकों के साथ-साथ पटवारियों को तत्काल फील्ड में उतारें ताकि 15 दिनों के भीतर सभी रजिस्ट्री कार्य पूरे किए जा सकें। इसके साथ ही, तकनीकी समस्याओं और आधार में मोबाइल नंबर अपडेट जैसी बाधाओं के निराकरण हेतु ईडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटवारी, वीडीओ, वीपीडीओ और एएओ को तत्काल तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करें।
​जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे ‘एग्रीस्टैक’ के तहत अपनी डिजिटल आईडी बनवाने में प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि यह उनके हित के लिए है। उन्होंने सचेत किया कि 31 मार्च तक रजिस्ट्री पूर्ण न होने पर संबंधित किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हो सकते हैं। किसान आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ स्वयं पोर्टल, जन सेवा केंद्र या विभागीय शिविरों के माध्यम से अपना पंजीकरण समय से पूर्ण करा लें।
बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र, सीएचओ रजनीश सैनी उपस्थित रहे । वहीं सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
वहीं उपजिलाधिकारी डुंडा देवेन्द्र शर्मा  ग्राउंड  जीरो में उतरकर फार्ममर  रजिस्ट्री का फीड बैक लेने तहसील डुंडा के पिपली धनारी पहुंच कर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक समेत कृषि विभाग के कर्मियों से प्रगति आख्या देखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने राजस्व निरीक्षक और कृषि कर्मीयों को किसान रजिस्ट्री कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

 

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