जंगल की आग पर काबू पाने को हुई मॉक ड्रिल

डीएम ने वन – अग्निशमन को फायर उपकरणों को क्रियाशील रखने के दिए निर्देश

चिरंजीव सेमवाल 

उत्तरकाशी  : उत्तरकाशी कोट बंगला और अपर यमुना वन प्रभाग समेत टोंस वन प्रभाग के क्रू स्टेशन में फायर सीजन में वनाग्नि से जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल की है।
संयुक्त टीम ने आपसी समन्यव के साथ अग्निशमन उपकरणों की सहायता से वनाग्नि की रोकथाम का व्यावहारिक अभ्यास किया।  वहीं डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि
कि मॉक ड्रील का उद्देश्य वनाग्नि के दौरान फाॅयर वाॅचरों को सुरक्षित रहते हुए बहुमूल्य वन संपदा को बचाने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस बार शीतकालीन में कम बर्फबारी और बारिश से वनों में सुखे की स्थिति बनी हुई जिससे आने वाले गर्मियों में वनाग्नि  का खतरा बढ़ गया है ‌।
जिले भर में  वनाग्नि को लेकर मॉक अभ्यास किया गया। बुधवार को आपदा कंट्रोल रूम को प्रातः 11.30 बजे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना प्राप्त हुई।  वनाग्नि की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने आईआरएस सिस्टम को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बग्याल गांव, गंगोत्री नेशनल पार्क गंगोत्री क्षेत्र,गोविंद वन्य जीव विहार के अन्तर्गत नुराणु ,टोंस वन प्रभाग के अंर्तगत पुरोला ,अपर यमुना वन प्रभाग के अंर्तगत दोबाटा तथा हिना अंतर्गत जामक गांव में वनाग्नि को लेकर मॉक अभ्यास किया गया। जिसमें वन विभाग की टीम,फायर सर्विस,पुलिस,एसडीआरएफ, आपदा क्यूआरटी टीम और लोक निर्माण,स्वास्थ्य विभाग,पशुपालन  आदि विभागों ने भाग लिया। मॉक अभ्यास में वनाग्नि के कारण काल्पनिक रूप से 8 व्यक्ति सामान्य घायल एवं दो पशु घायल हुए जिनका आवश्यक उपचार किया गया। तथा 8 लोगों को सकुशल निकाला गया।
      जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि सीजन को देखते हुए जनपद में वनाग्नि को लेकर आज मॉक अभ्यास किया गया। जिसमें वन विभाग के साथ ही अन्य विभागों की तैयारियों को परखा गया। जिलाधिकारी ने वन विभाग,एसडीआरएफ और फायर सर्विस के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही वनाग्नि सीजन को देखते हुए संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण करने के निर्देश वन विभाग को दिए। जिलाधिकारी ने वन एवं अग्निशमन विभाग को सभी फायर उपकरणों को क्रियाशील रखने के भी निर्देश दिए।
आपदा कंट्रोल रूम में प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी,एसडीएम देवानंद शर्मा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं मास्टर कंट्रोल रूम पर  दौरान रश्मि  ध्यानी
एसडीओ वन विभाग, पूजा चौहान वन क्षेत्राधिकारी अधिकारी डुंडा ,वन दरोगा
सुभाष अवस्थी,रितु भण्डारी,राहुल पंवार,सौरभ रावत,दिवाकर आदि मौजूद रहे है।

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