उत्तराखंड के पिसी नून’ के अनूठे स्वाद की अनुभूति पूरे देश में है
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र से नमक क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। ‘पहाड़ी पिसी नूं’ नामक हिमालय संगठन के तलहटी सेंधा नमक और शक्ति- प्राप्त से बनी 50 से अधिक खनिज नमक की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की जा रही है। इस स्थानीय समुदाय को रोजगार मिल रहा है और उत्तराखंड के अनूठे स्वाद पूरे देश में फैल रहे हैं।
इन एवं कॉलेज द्वारा आयोजित उत्तरायणी मॉल में
हिमफला हिल पिसी नून अन्य दुकानों का
आकर्षण बना हुआ है।
हिमफ्ला प्राइवेट लिमिटेड
जो महिला सशक्तिकरण के साथ ही स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का काम कर रही है, यह संस्था काकड़ीघाट क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्र में कई क्षेत्रीय महिलाओं को रोजगार देने का काम कर रही है। इन मस्जिदों के ग्राउंड ग्राउंड में उत्तरायणी मॉल का आयोजन सक्रिय रूप से किया जा रहा है।
इस पर हिमफ्ला द्वारा पहाड़ी पिसी नून एवं अन्य पर्वतीय आभूषणों का एक आकर्षक स्टॉल स्थापित किया गया, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल, हस्तनिर्मित, हस्तनिर्मित महिला समुदाय पर आधारित आभूषणों का प्रदर्शन किया गया। इन मॉल में विशेष रूप से हवाई जहाज तैयार किये जा रहे हैं।
मेले के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी धारण एवं संस्था की अध्यक्ष श्रीमती गीता धामी द्वारा हिमफ्ला के स्टॉल का दौरा किया गया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहली बार महिला उत्पाद बनाने का विज्ञापन करते हुए एक समूह बनाया और इस उत्पाद को महिला उत्पीड़न के लिए एक अचुक हथियार के बारे में बताया। श्रीमती धामी द्वारा स्वयं इस उत्पाद का वृहद प्रचार करने की बात भी संस्था के निर्माता डॉयमंड सिंह, सौरभ पंत और संदीप पांडे की है।
उत्तरायणी मेला 2026 में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत विकास के लक्ष्य को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन के कार्यक्रम में उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, बात बोलियों और स्थानीय साझे को बढ़ावा दिया है, जिसमें औषधीय उपचार- मसाले से बने ‘पहाड़ी पीसी नूण’ (पारंपरिक पीसा नमक) का जिक्र किया गया है। यह नमक-स्थान स्वाद को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ समुदाय को रोजगार भी दे रहा है।



