रवांई लोक महोत्सव : ढोल प्रतियोगिता और रवांल्टी कवि सम्मेलन रहा आकर्षक
रवांल्टी शब्द कोष” तीन भाषाओं में हुआ पुस्तक का विमोचन
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी : नौगांव में तीन दिवसीय रवांई लोक महोत्सव के दूसरे दिन पारंपरिक ढ़ोल सागर प्रतियोगिता,रवांल्टी कवि सम्मेलन मेले का मुख्य आकर्षण रहा है।
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, कार्यक्रम अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य सुखदेव रावत, विशिष्ट अतिथि डॉ स्वराज विद्वान, महावीर सिंह रवांल्टा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मेला पांडव में संबोधित करते हुए दीपक बिजल्वाण ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के संवाहक होते। ये
हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें अपनी विरासत और परंपराओं से जोड़ता है। रवांई लोक महोत्सव इसका एक जीवंत उदाहरण है, जो रवांई घाटी में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रवांई के मेले त्योहार देश ही नहीं विदेशों में भी लोग हमारी लोक संस्कृति, लोक गीत, लोक नृत्य और देशी स्वाद का दीदार कर रहे हैं। उन्होंने टीम रवांई लोक महोत्सव को इस आयोजन में रवांई की स्थानीय बोली, परंपराओं के लिए इस प्रकार के आयोजन करवाने की सराहना करते हुए पूरी टीम को बधाई दी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रह रहे जिला पंचायत सदस्य सुखदेव सिंह रावत ने आयोजकों को बधाई दी है।
वहीं, टीम रवांई लोक महोत्सव द्वारा आयोजित मेले में शनिवार को ढ़ोल बाजे , पेसारे, रवांल्टी कवि सम्मेलन समेत रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रमों कार्यक्रमों की धूम मचाई है।
रवांई लोक महोत्सव के दूसरे दिन लोक गायक जयदेव सिंह, किशोरी लाल, सावित्री राणा, रतियानंद,रवांई की पारंपरिक लोक गीत, छोडे, राशो तांदी नृत्य वाले खूदेड गीतों से देर सायं तक मेलार्थियों को झूमने पर मजबूर किया है। स्थानीय लोग गायकों ने अपनी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की से खूब मनोरंजन किया है । मेला पंडाल में पीआईवी द्वारा लगाए गये सटाल और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां मेले का मुख्य आकर्षक रही है।
इससे पूर्व दिनेश रावत द्वारा लिखित तीन भाषाओ में “रवांल्टी शब्द कोष” पुस्तक का मेला पंडाल से मुख्य अतिथियों के हाथों से विमोचन किया गया है। इस दौरान कार्यक्रम में अतिथियों को योगेश बंधानी ने युवा हिमालय के लोग प्रोडक्ट सप्रेम भेंट किए हैं।
वहीं , दौरान केंद्रीय संचार ब्यूरो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार प्रादेशिक कार्यालय देहरादून द्वारा
रवांई पारंपरिक ढोल प्रतियोगिता में भीमा दास, विशाल, पवन दास, सुरेश दास, सुशील प्रधान, अनूप दास, सूरज,
आदि विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वराज विद्वान , प्रदीप गैरोला, शशिमोहन रावत, दिनेश रावत, महावीर सिंह रवांल्टा , प्रदीप रावत, विजेंद्र सिंह रावत, विजय बिजल्वाण जोशी, स्वतंत्री बंधानी, आशिता डोभाल,नरेश नौटियाल ,महावीर सिंह पंवार मौजूद रहे। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रेम पंचोली और दिनेश रावत ने किया है।



