उत्तरकाशी : मौसम ने फिर ली करवट , ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी : जिले में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है जिससे एक और वनाग्नि से राहत मिला वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि से काश्तकारों की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
बता दें कि जिले में रविवार को हुई बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई इलाकों में बर्फबारी से ठंड फिर से लौट आई। जिले के गंगोत्री-, हर्षिल, यमुनोत्री खरशाली,के कई हिस्सों में बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंडक बढ़ गई है। सोमवार को भी दोपहर बाद जिले भर में गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है
वहीं मौसम विज्ञान ने पहले ही बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।
आपको बता दें कि जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार रात से भारी बर्फबारी जारी है।
श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मंदिर परिसर के आसपास, गौमुख और कालिंदी पर्वत सहित भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फबारी के कारण पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। उत्तरकाशी जिले में कल रात हुई बर्फबारी के बाद, खरसाली मंदिर के चारों ओर बर्फ की सफेद चादर देखी जा सकती है। जनपद में दो दिनों से रूक रूककर हो रही बारिश से जंगलों में की आग पूरी तरह से बुझ गई जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
वहीं तहसील पुरोला के ग्राम भंकोली के आसपास समेत तहसील बड़कोट के धारी कफनौल
न्याय पंचायत तियाँ क्षेत्र के दर्जनों गांवों में काश्तकारों की नगदी फसलों को भारी नुकसान की सूचना है।
ओलावृष्टि से सेब, खुमानी, चुलू, आड़ू,
नाशपाती, आदि का काश्तकारों को भारी नुकसान की सूचना है।
वहीं बागवान काश्तकार आजाद डिमरी ने बताया कि उद्यान विभाग एवं इंसोरेंस कंपनी का दावा स्वीकार का समय 15 अप्रैल के बाद माना जाता है। उन्होंने कहा कि नीति निर्धारकों ने
कैसी पॉलिसी बनाई कि किसानों को इस विपदा में इंश्योरेंस का फायदा ही नहीं मिलेगा ।
इधर उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी ने बताया की ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आंकलन के लिए राजस्व विभाग की टीम को भेजा जा रहा है। नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट के बाद तय मानकों के अनुसार काश्तकारों को उचित मुआवजा दिया जायेगा।



