राज्य आंदोलनकारी समेत यूकेडी के नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
चिरंजीव सेमवाल •
उत्तरकाशी: पृथक- राज्य उत्तराखण्ड आन्दोलन के पुरोधा “फील्ड मार्शल” दिवंगत पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को उत्तरकशी में शोक सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
शुक्रवार को चिन्हित राज्य आन्दोलन कारी संयुक्त समिति के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विजेन्द्र पोखरियाल की अध्यक्षता में श्रीदेव सुमन चौक पर दिवंगत दिवाकर भट्ट को सभी राज्य आन्दोलनकारियों ने दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान वक्ताओं ने उनके स्मृतियों को याद कर कहा कि दिवंगत दिवाकर भट्ट
राज्य आन्दोलन के जनक योद्धा थे मुजाफरनग कांड के तुरंत बाद भट्ट जी ने खैट पर्वत से मुंबई तक उत्तराखण्ड पृथक राज्य की अलक जगाई उनके मन मैं आक्रोश था वे उस समय बाळासाहेब ठाकरे से मिले थे बाला साहेब ठाकरे ने उनको अपनी दशहरा रैली मै शामिल। होने का निमंत्रण दिया था । भट्ट जी ने बाळासाहेब के मंच से देश दुनिया क़ो उत्तराखंड राज्य के औचित्य व केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किये. जा रहे दमन व मुजफ्फरनगर कांड से अवगत कराया व शिवसेना से उत्तराखंड राज्य निर्माण व आंदोलन करियो के सरक्षण व सहयोग की अपील की थी।
यूकेडी के वरिष्ठ नेता विष्णुपाल सिंह रावत ने सभा का संचालन करते हुए कहा हमने दिवाकर भट्ट के साथ कई राते -दिन जेल में एक साथ काटी है उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब आने वाली पीढ़ी हम सभी के पद चिन्हों पर चलकर उत्तरकाशी को धर्म नगरी घोषित कराने में आगे आयेंगे । दिनेश सिंह पंवार ने कहा अगर भट्ट नहीं होते तो आजतक शायत उत्तराखण्ड राज्य प्राप्त भी नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा दिवंगत दिवाकर भट्ट जब गरजता थे तो लगता था कही शेर गर्ज रहा। अधिवक्ता महावीर भट्ट ने कहा हमें अच्छे से मालूम है कि जब दिवंगत दिवाकर भट्ट खैट पर्वत में अनशन पर बैठे थे तो उनकी पुलिस के साथ काफी नोक झोंक भी हुई जिससे आन्दोलन में तेजी थे। वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी पत्रकार रमेश कुड़ियाल ने कहा दिवाकर भट्ट ने ही आर पार की लड़ने के लिए सभी को कहा था जिसके बाद कई अन्य साथियों ने उनके समर्थन अनशन आन्दोलन के लिए तैयार किए।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन बिजल्वाण ने कहा उन्होंने बद्रीनाथ से दिल्ली तक पद यात्रा की थी ।
इस मौके पर राजेन्द्र प्रसाद पैन्यूली जगदीश प्रसाद भट्ट सन्तोष सेमवाल विक्रम सिंह नेगी, गण सिंह राणा, नागेन्द्र थपलियाल, जेठू लाल ,आशीष सौंदाल, मानेंद्र सिंह रावत, मदन मोहन बिजल्वाण ,लाखी राम नौटियाल, अजय बडोला ,तेग सिंह राणा, रविन्द्र नौटियाल ,जसबीर सिंह असवाल ,माही मोहित पंवार ,अंकित पंवार आदि उपस्थित रहे।



