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पुरोला विधानसभा में तरक्की रास्तों पर भ्रष्टाचार के गड्ढे , कमीशन कू मीट बात रिश्वत कू रैलू”गीत का तीखा कटाक्ष
पुरोला : “कमीशन कू मीट बात रिश्वत कू रैलू” उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी का एक बेहद लोकप्रिय और व्यंग्यात्मक गढ़वाली गीत है। यह गीत उत्तरकाशी जिले में फैले भ्रष्टाचार, सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी और नेताओं-अफसरों की कार्यप्रणाली पर तीखा कटाक्ष करता है।
रविवार को मोरी ब्लॉक के गैंचवाण, देवरा, गुराड़ी, पैसर, हलटाड़ी और दंणगाण गांवों को जोड़ने वाली जर्जर सड़क के विरोध में रविवार को ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। वर्षों से सड़क के डामरीकरण, नालियों के निर्माण और गड्ढों की मरम्मत की मांग पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों ने साठी नामे तोक में सड़क पर बने गहरे गड्ढों का विधिवत पूजन कर सरकार और प्रशासन की “सद्बुद्धि” के लिए प्रार्थना की।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विभाग की सड़कें भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पुरोला विधायक पूरे प्रदेश की 70 विधानसभाओं में सबसे अधिक विकास का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उनका कहना था कि पुरोला विधानसभा का विकास भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है और वर्षों से सड़क जैसी मूलभूत सुविधा भी लोगों को नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से सड़क की मरम्मत और डामरीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। मजबूर होकर अब उन्हें सांकेतिक विरोध के रूप में गड्ढों का पूजन करना पड़ा, ताकि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सात गांवों की जीवनरेखा है। हजारों लोगों का दैनिक आवागमन इसी मार्ग से होता है। क्षेत्र में उत्पादित सेब सहित अन्य बागवानी और कृषि उत्पाद भी इसी सड़क के जरिए देश की विभिन्न फल मंडियों तक पहुंचते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने वाला है और प्रतिदिन सेब से लदे वाहन इसी मार्ग से गुजरेंगे। सड़क की बदहाली के कारण वाहनों के फंसने, खराब होने और हादसों की आशंका बनी हुई है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क का डामरीकरण, गड्ढों की मरम्मत और नालियों का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में दीपक डिमरी, कैलाश डिमरी, राजेंद्र नौटियाल, अनिल रांगड़, रमेश, अरुण नौटियाल, उपेंद्र सिंह रांगड़, राजेंद्र पंवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन : पुरोला विधानसभा के मोरी में करोड़ों खर्च के बाद पीएमजीएसवाई की सड़कें यूं बनी तालाब , ग्रामीण हवन पूजा करते हुऐ ।।



