पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण हुए शामिल, बोले- लोक देव परंपराएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर
उत्तरकाशी। बाड़ागड्डी पट्टी के आराध्य भगवान श्री हरि महाराज एवं हूण देवता की दो दिवसीय पौराणिक शैल यात्रा श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुई। हरुंता सौड़ बुग्याल पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान हरि महाराज का दूध-दही से अभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्थानीय मान्यता के अनुसार इस शैल यात्रा के दौरान देवता का दूध-दही से अभिषेक करने पर वे प्रसन्न होकर क्षेत्रवासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
शैल यात्रा में गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण भी शामिल हुए। यात्रा कुरोली गांव से शुरू होकर किशनपुर होते हुए हरुंता सौड़ बुग्याल पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का परिचय देते हुए ग्रामीणों की छानियों में विश्राम किया। बुग्याल की प्राकृतिक सुंदरता और हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हरि महाराज एवं हूण देवता के दर्शन कर प्रदेश और देश की खुशहाली की प्रार्थना की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सजवाण ने कहा कि हिमालय की गोद में सदियों से चली आ रही शैल यात्राएं उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने यात्रा के सफल आयोजन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों का आभार भी व्यक्त किया।
शैल यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि देवेंद्र नाथ, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी प्रतिनिधि कपिल पंवार, ग्राम प्रधान कुरोली अजीतपाल पंवार सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।



