8 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानित, 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को भी मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी / देहरादून, 6 अगस्त। उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एक-एक प्रेरणादायी महिला का चयन किया है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को भी राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा जाएगा। दोनों पुरस्कार 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किए जाएंगे।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि तीलू रौतेली पुरस्कार उन महिलाओं को दिया जाता है जिन्होंने संघर्ष, साहस और समर्पण के दम पर समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। चयनित महिलाओं ने संस्कृति, लोककला, कृषि, खेल, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक शोध, समाजसेवा, महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और दिव्यांगजन कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
जनपदवार चयनित महिलाएं
उत्तरकाशी – स्वतंत्री बधानी (कृषि एवं समाजसेवा)
अल्मोड़ा – पुष्पा फर्त्याल (संस्कृति एवं लोककला)
बागेश्वर – दया दानू (कृषि एवं स्वरोजगार)
चमोली – नन्दा सती (संगीत एवं शिक्षा)
चम्पावत – रितीका बगौली (पर्यावरण एवं वैज्ञानिक शोध)
देहरादून – नीतू रानी (दिव्यांगजन सशक्तीकरण)
हरिद्वार – वैशाली शर्मा (समाजसेवा एवं बाल अधिकार)
नैनीताल – लतिका (ताइक्वांडो)
पौड़ी गढ़वाल – प्रियंका नेगी ध्यानी (महिला स्वरोजगार)
पिथौरागढ़ – कलावती देवी (डेयरी एवं जैविक कृषि)
रुद्रप्रयाग – दुर्गा देवी (महिला स्वावलंबन)
टिहरी गढ़वाल – सरिता कोठियाल (समाजसेवा)
ऊधम सिंह नगर – पुष्पा देवी (पैरा एथलेटिक्स)
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रेरणादायी महिलाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाना है, ताकि वे नई पीढ़ी और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकें। उन्होंने बताया कि वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान महिलाओं के साहस, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने बताया कि समारोह में राज्य की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और महिला जागरूकता जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।



