पौराणिक भेड़ू का तमाशा मेले में पहुंचे पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण
समेश्वर महाराज के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना, बोले—लोक परंपराएं हमारी पहचान
उत्तरकाशी। वरुणाघाटी के उपरीकोट गांव में आयोजित त्रैवार्षिक पौराणिक ‘भेड़ू का तमाशा’ मेले के प्रथम दिवस गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण शामिल हुए। उन्होंने आराध्य देवता भगवान समेश्वर महाराज के मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्रवासियों की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मेले में भाग लिया।
पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय लोक परंपराओं से जुड़ा ‘भेड़ू का तमाशा’ मेला क्षेत्र की विशिष्ट धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान माना जाता है। सुदूर बुग्याली क्षेत्रों से सकुशल वापस लौटने वाली भेड़ों को भगवान समेश्वर महाराज के मंदिर की परिक्रमा कराई जाती है। पशुपालन और लोक आस्था से जुड़ी यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
लोक संस्कृति को जीवंत रखना सामूहिक जिम्मेदारी : सजवाण
पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक थौलू और मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोकसंस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता के जीवंत प्रतीक हैं। आधुनिकता के दौर में भी उपरीकोट के ग्रामीणों ने श्रद्धा और समर्पण के साथ अपनी पौराणिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखा है, जो सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। लोक संस्कृति और पारंपरिक आयोजनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है। इन परंपराओं को सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब
सजवाण ने क्षेत्रवासियों को पौराणिक ‘भेड़ू का तमाशा’ मेले की शुभकामनाएं दीं और भगवान समेश्वर महाराज से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान भूपेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य हीरालाल शाह, जिला पंचायत प्रतिनिधि अनिल रावत, राजेंद्र राजू राणा, ज्येष्ठ उप प्रमुख भटवाड़ी मीरा, भाजपा महामंत्री महावीर नेगी, रविराज नेगी, सुनील कुमार, विनोद नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु ग्रामीण उपस्थित रहे।



