सिल्कयारा टनल में फिर हादसा: मलबा गिरने से झारखंड के 21 वर्षीय वेल्डर की मौत
पांच घंटे तक नहीं पहुंचे कंपनी के अधिकारी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल; 41 मजदूरों के फंसने वाली घटना की यादें फिर ताजा
चिरंजीव सेमवाल /दीपेंद सिंह कलूडा/ नमोभंडारी
उत्तरकाशी। बहुचर्चित सिल्कयारा-पोलगांव सुरंग परियोजना में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। बुधवार देर रात नाइट शिफ्ट के दौरान सुरंग निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों पर अचानक मलबा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक युवा श्रमिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परियोजना स्थल पर काम कर रहे मजदूरों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिली।
मृतक की पहचान झारखंड निवासी नरेश (21 वर्ष) के रूप में हुई है। वह परियोजना में वेल्डर के पद पर कार्यरत था और लंबे समय से टनल निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय कार्य के दौरान अचानक ऊपर से मलबा गिरा, जिससे नरेश को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद साथी मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मजदूरों का आरोप है कि घटना के करीब पांच घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर उनसे मिलने नहीं पहुंचा। इससे श्रमिकों में नाराजगी और बढ़ गई।
मजदूरों का कहना है कि परियोजना में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है और कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि लगातार जोखिम भरे माहौल में काम करने के बावजूद सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
इधर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।
वहीं, परियोजना का निर्माण कार्य कर रही Navayuga Engineering Company Limited का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
इधर जिला परिचालन केंद उत्तरकाशी से मिली जानकारी के मुताबिक सिल्क्यारा टनल में रात्रि लगभग 02:00 बजे एक दुर्घटना हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बड़कोट साइड से लगभग 900 मीटर अंदर टनल की कंक्रीट (शॉटक्रीट) लाइनिंग का एक ब्लॉक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से झारखंड निवासी 21 वर्षीय एक श्रमिक की मृत्यु हो गई।NHIDCL द्वारा घटना की विस्तृत जांच एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दुर्घटना के कारणों एवं अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही की जाएगी।
41 मजदूरों के रेस्क्यू की यादें फिर हुईं ताजा
सिल्कयारा सुरंग परियोजना इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन चुकी है। वर्ष 2023 में सुरंग के एक हिस्से में मलबा गिरने के बाद 41 मजदूर कई दिनों तक अंदर फंस गए थे। देश की विभिन्न एजेंसियों और विशेषज्ञों के संयुक्त अभियान के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस घटना ने सुरंग निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों और जोखिम प्रबंधन को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी।
अब एक बार फिर इसी परियोजना में हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी यदि सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी गई, तो भविष्य में और गंभीर हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता।

