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Sun. Jan 18th, 2026

ध्याणी मिलन समारोह में दिखी रवांई की समृद्धि संस्कृति

कुथनौर गांव में ध्याणियों ने अपने आराध्य कैलू मानसीर को चढाया सोने का छत्र।।

मायके आई बेटियों का स्वागत कर ग्रामीणों ने दिया समूण।।

चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी : यमुना घाटी के कुथनौर गांव में दो दिवसीय ध्याणी मिलन समारोह धूमधाम मनाया गया। ध्याणी-रैणी मिलन कार्यक्रम का महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने आराध्य देव कैलू मानसीर महाराज को
को स्वर्ण छत्र और 108 मूंगें की सोने की माल भेंट कर अपने मायके और ससुराल
पक्ष की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मन्नतें मांगी।
ध्याणियों व क्षेत्र की खुशहाली की कामना की है। कुथनौर गांव के मंदिर प्रांगण में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह सभी को सम्मानित किया गया।
बता दें कि जौनसार के बाद ध्याणी मिलन समारोह जौनपुर और रवांईघाटी में खूब प्रचलित हुआ है हर गांव में इस कार्यक्रम की तैयारियां चल रही है जबकि दर्जनों गांवों में यह कार्यक्रम संपन्न भी हो चुका है। ध्याणी मिलन समारोह का प्रचलन अब गंगा घाटी तक पहुंच चुका है चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भी यहां कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। इस मौके पर मायके आई बेटियों का स्वागत कर उन्हें समूण दी गई।
ध्याणी मिलन समारोह में दूर दूर से आई सभी ध्याणियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान ढ़ोल की थाप पर रवांई की लोक संस्कृति देखने को मिली। सभी ने मिलकर रासो तांदी नृत्य करके खुशी से झूमे और अपने ईष्ट आराध्य देव कैलू मानसीर महाराज जी से गांव परिवार और क्षेत्र की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान देवता के पूजारी पुजारी विनोद नौटियाल, प्रमोद नौटियाल, राम कृष्ण नौटियाल और देवता समिति के अध्यक्ष दलबीर भंडारी, राहुल नौटियाल, कोषाध्यक्ष शेखर नौटियाल, आचार्य राजेन्द्र नौटियाल रवांई महोत्सव की अध्यक्षा नीतू चौहान,पूर्व प्रधान बबली भंडारी, राजेश सिंह भंडारी,अरविंद नौटियाल, सहित सम्मानित सदस्य और पुजारी व ग्रामीण के सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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