रौन गांव में ध्याणी मिलन सम्मान समारोह का हुआ आगाज

By sarutalsandesh.com Dec 1, 2025

रामा सिरांई के  रौन गांव में कलश यात्रा के साथ  ध्याणी मिलन  समारोह का हुआ आगाज

  लोक संस्कृति को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे रवांई -जौनसार की सामाजिक परंपराए

चिरंजीव सेमवाल

उत्तरकाशी: पुरोला तहसील के रामा सिरांई के ग्राम पंचायत रौन में ध्याणी मिलन समारोह का आगाज  मंगल कलशयात्रा  के साथ शुभारंभ हो गया है।
सोमवार को रौन गांव से कपिल मुनि महाराज के सानिध्य में मंगल कलश यात्रा कमलेश्वर महादेव मंदिर तक ढ़ोल बाजों के साथ ध्याणी एवं ग्रामीण पहुंचे। कमलेश्वर महादेव मंदिर में पवित्र  कुंड में स्नान करने के बाद भगवान कमलेश्वर महादेव की पूजा -अर्चना कर वापस रौन लौटें गांव पहुंचे।  रौन गांव में ग्रामीणों ने भगवान कपिल मुनि महाराज के डोली का भव्य स्वागत में  धूम- पीठाई लगाकर पूजा -अर्चना की है। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं मंगलवार को सामुदायिक रूप से ध्याणियों का पारंपरिक परिधान पहनकर राशो नृत्य के बाद ग्रामीणों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। वहीं सभी ध्याणी मिलकर अपने आराध्य देव कपिल मुनि महाराज को सप्रेम भेंट समर्पित करेंगे। इस समारोह के लिए सभी ध्याणी दूर- दूर से आईं हैं।
यूं तो अपनी देव संस्कृति के लिए देशभर में विख्यात रवांई घाटी , जौनपुर और जौनसार के तीज-त्योहार एक तरह से दुर्लभ ही है। रवांई और जौनसार क्षेत्र की सामाजिक परंपराए संस्कृति को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ध्याणी मिलन समारोह परम्परा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थानीय कला, संगीत, संस्कृति और सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित करता है। इस में गांव की सभी बेटियां दूर – दूर क्षेत्रों से अपने मायके आ कर सामूहिक रूप से अपने आराध्य देव के मंदिर, छत्र समर्पित करते हैं। रवांई घाटी और जौनसार में क्षेत्र में पारम्परिक परिधान संस्कृति परंपरा से लोगों को जोडने का का कार्य कर रहे हैं।
रवांई घाटी, जौनपुर  और जौनसार में क्षेत्र में पहाड़ की संस्कृति परंपरा से लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!