मोरी के सटटा गांव अग्निकांड में एक बुजुर्ग लापता होने की सूचना
चिरंजीव सेमवाल
उत्तरकाशी: मोरी के सटटा गांव अनुसूचित बस्ती में सोमवार सायं अचानक दो आवासीय घरों में भीषण अग्निकांड से पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।
जबकि एक बुजुर्ग आसमू पुत्र खडू उम्र 72 वर्ष लापता बताया गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी को दी। इसके बाद राजस्व टीम ,फायर सर्विस,पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
घटना मोरी के सटटा गांव की है जहां आज सायं करीब पांच बजे अचानक दो आवासीय भवनों में आग लग गई।
ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते आग विकराल हो गई और दो भवन देखते ही देखते राख हो गये ।
इधर उपजिलाधिकारी पुरोला मुकेश रमोला ने बताया कि सट्टा गांव में सोमवार सायं एक घर में अचानक आग लग गई जिससे दो भवन जल गये है। उन्होंने बताया है कि ग्रामीण की सूचना के अनुसार अभी तक एक बुजुर्ग लापता बताए जा रहा है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है ,लेकिन घटना स्थल पर संचार सेवा नहीं उपलब्ध नहीं है जिससे रेस्क्यू टीम से संपर्क नहीं हो पा रहा। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को अन्य जगह शिफ्ट जा रहा है । प्रशासन की पूरी टीम हर तरह से प्रभावितों की मदद करने में जुटी है ।
आगजनी की घटना में प्रमीना पुत्र दुर्गा, उपेंद्र लाल पुत्र प्रमीना लाल एवं निदेश कुमार पुत्र प्रमीना लाल के मकान जलकर राख होने की सूचना है जबकि श्रीमती बिजेंद्री देवी के पिता आसमू पुत्र खडू की आग में जिंदा जलने से दर्दनाक मृत्यु सूचना बताईं जा रही है।
आगजनी में 4 बकरियां, 1 गाय और 10 भेड़ें भी जलकर नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवार सोना-चांदी के जेवरात, कपड़े, खाद्य सामग्री सहित कोई भी सामान नहीं बचा पाए, देखते ही देखते सब कुछ राख में बदल गया।
घटना की सूचना पूर्व प्रधान चंद्रमणि सिंह एवं पूर्व प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य चैतराम ने दूरभाष पर पूर्व प्रधान सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी को दी। सूचना मिलते ही विधायक दुर्गेश्वर लाल स्वयं एसडीआरएफ व पुलिस बचाव दल के साथ मौके के लिए रवाना हुए। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है तथा आसपास के कोठार उखाड़कर बड़े नुकसान से बचाव किया गया।
घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है। पूर्व प्रधान सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिजनों को उचित राहत एवं मुआवजा देने की मांग की है।



