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नौगांव सभासदों ने बोर्ड प्रस्ताव पारित किए बगैर कार्य करने का लगाया आरोप।।

नगर पंचायत नौगांव  सभासदों ने  अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा, धरने पर बैठे 6 सभासद 

नौगांव सभासदों ने बोर्ड प्रस्ताव पारित किए बगैर कार्य करने का लगाया आरोप

नौगांव (उत्तरकाशी):
नगर पंचायत नौगांव के सभासदों ने अपने अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया  सात वार्ड सभासदों में से छह सभासद धरने पर बैठ गये है ।
सभासदों ने शनिवार से नगर पंचायत कार्यालय नौगांव में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा कथित रूप से बगैर बोर्ड बैठक आहूत किए प्रस्ताव पारित किए हैं जिसके विरोध में नगर पंचायत के सभी सभासदों ने शनिवार, से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया उत्तराखंड नगर निकाय अधिनियम एवं निर्धारित प्रक्रिया व्यवस्था के विरुद्ध अपनाई गई है।
धरने पर बैठे सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा जिन प्रस्तावों को पारित बताया जा रहा है, उनके संबंध में न तो कोई बोर्ड बैठक बुलाई गई और न ही किसी भी सभासद को इसकी सूचना दी गई। इसके साथ ही किसी भी स्तर पर सभासदों को विश्वास में नहीं लिया गया।
सभासदों ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी बड़कोट को पत्र सौंपकर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना देने की अनुमति भी मांगी है।
सभासदों का आरोप है कि नगर पंचायत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को दरकिनार कर एकतरफा निर्णय लिये जा रहे हैं, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि नगर पंचायत की पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

विवाद का संबंध नगर क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगांव की भूमि तथा वहां संभावित निर्माण को लेकर भी जोड़ा जा रहा है, जिस पर नगर पंचायत स्तर पर कोई अधिकृत बोर्ड चर्चा नहीं हुई।
इस पूरे मामले पर नगर पंचायत नौगांव की अधिशासी अधिकारी शिवानी रावत ने स्पष्ट किया कि—
“सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव की भूमि किसकी संपत्ति है, इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है और न ही जिस बोर्ड प्रस्ताव की बात कही जा रही है, उसमें वहां किसी प्रकार के निर्माण कार्य का कोई उल्लेख किया गया है। इस विषय में मुझे भी कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई थी।”
अधिशासी अधिकारी के इस बयान के बाद प्रकरण और अधिक गंभीर हो गया है। सभासदों का कहना है कि जब अधिशासी अधिकारी को ही प्रस्ताव और भूमि संबंधी विषय की जानकारी नहीं है, तो यह स्पष्ट करता है कि प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया पूरी तरह संदेह के घेरे में है।
सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लेकर नगर पंचायत को संचालित किया जा रहा है, जो नगर पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों का सीधा हनन है।
धरने पर बैठे सभासदों ने मांग की है कि—
बिना बोर्ड बैठक पारित बताए जा रहे प्रस्तावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए,
यदि प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए
तथा भविष्य में नगर पंचायत में किसी भी प्रस्ताव को केवल विधिसम्मत बोर्ड बैठक के माध्यम से ही पारित किया जाए।
वहीं,धरने पर   कृष्ण मोहन,  चंद्र रमोला,  ललित परमार,  सुनिता असवाल,  रोहित रावत, लता नौटियाल और वार्ड नंबर सात से सुनील कोहली  धरने पर बैठे हैं।

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