आखिर हिंदू धर्म छोड़ने के पीछे कौनसी ताकतें हैं .. ?
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी ) : नगर पालिका क्षेत्र चिन्यालीसौड़ में कुछ परिवारों द्वारा हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म अपनाने के मामलों को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों की मानें तो नागणी, सुलीठांग, चिन्यालीसौड़ और शक्ति पुरम कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में ऐसे कुछ परिवारों के धर्म परिवर्तन की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
स्थानीय धर्मशास्त्रियों और सामाजिक संगठनों ने इसे क्षेत्र की सामाजिक व सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हुए चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र देवी-देवताओं की आस्था से जुड़ा रहा है, जहाँ लंबे समय से धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता रहा है। मामले में पंडित आचार्य दिनेश प्रसाद जोशी ने बताया कि जिन परिवारों की पीढ़ियाँ लंबे समय से सनातन धर्म की परंपराओं का पालन करती आई हैं, उनके धर्म परिवर्तन के कारणों को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस पर समाज स्तर पर संवाद होना चाहिए।
::::::::क्या कहते हैं जिले के डीएम:::::
चिन्यालीसौड़ अंतर्गत हिन्दू धर्म से परिवर्तन को लेकर प्रशासन के संज्ञान में मामला नहीं आया है । यदि लोगों में चर्चाएं हैं तो इसकी गहन जांच करवाई जायेगी ।
– प्रशांत आर्य
जिलाधिकारी उत्तरकाशी।
भारत में धर्म परिवर्तन
स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 25-28 के तहत) का हिस्सा है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है; व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म चुन सकता है और उसका पालन कर सकता है, पर राज्य धोखाधड़ी, लालच, या जबरदस्ती से किए गए धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बना सकता है, क्योंकि यह किसी व्यक्ति के अंतःकरण की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।


