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लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करते मेले : दीपक बिजल्वाण


अषाढ़ मेले की धूम में रंगा गीठ पट्टी , समेश्वर महाराज से सुख-समृद्धि की कामना

उत्तरकाशी/बड़कोट। यमुनोत्री क्षेत्र की गीठ पट्टी के 12 गांवों में इन दिनों क्षेत्र के आराध्य देव समेश्वर महाराज के पारंपरिक अषाढ़ मेले की धूम मची हुई है। शनिवार को अटल आदर्श ग्राम पंचायत बाड़िया में मेले का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस शुभ अवसर पर समेश्वर महाराज के दर्शन और आशीर्वाद  करने पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने हजारों वर्षों से अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए ऐसे मेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया है। यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इससे पूर्व ग्रामीणों ने भाजपा नेता दीपक बिजल्वाण का केदार पात्रि की मालाओं भव्य स्वागत किया गया है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता महावीर सिंह पंवार ने बताया कि गीठ पट्टी के आराध्य देव समेश्वर महाराज का यह पारंपरिक मेला दुर्बिल गांव से प्रारंभ हुआ है, जिसका समापन 17 जुलाई को खरशाली गांव में होगा। मेले में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु और भक्तजन भाग लेकर देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्य पुजारी संतोष उनियाल, रामलाल उनियाल, समेश्वर देवता समिति के सदस्य विपिन पंवार, चैन सिंह, संतोष, राकेश सहित अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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